आपूर्ति

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  • क्‍योंकि रुपये का लोभ सब प्रकार की बुराइयों की जड़ है, जिसे प्राप्‍त करने का प्रयत्‍न करते हुए कितनों ने विश्वास से भटककर अपके आप को नाना प्रकार के दुखोंसे छलनी बना लिया है। १ तिमुथियुस ६:१०
  • इसलिए पहिले तुम उसके राज्य और धर्म की खोज करो तो थे सब वस्‍तुएं तुम्हें मिल जाएंगी। मत्ती ६:३३
  • क्या मनुष्य परमेश्वर को धोखा दे सकता है? देखो, तुम मुझ को धोखा देते हो, और तौभी पूछते हो कि हम ने किस बात में तुझे लूटा है? दशमांश और उठाने की भेंटों में। तुम पर भारी शाप पड़ा है, क्योंकि तुम मुझे लूटते हो? वरन सारी जाति ऐसा करती है। सारे दशमांश भण्डार में ले आओ कि मेरे भवन में भोजनवस्तु रहे और सेनाओं का यहोवा यह कहता है, कि ऐसा करके मुझे परखो कि मैं आकाश के झरोखे तुम्हारे लिए खोलकर तुम्हारे ऊपर अपरम्पार आशीष की वर्षा करता हूं कि नहीं। मलाकी ३:८-१०
  • और मेरा परमश्‍ेवर भी अपके उस धन के अनुसार जो महिमा सहित मसीह यीशु में है तुम्हारी हर एक घटी को पूरी करेगा। फिलिप्पियों ४:१९
  • मैं लड़कपन से लेकर बुढ़ापे तक देखता आया हूं, परन्तु न तो कभी धर्मी को त्यागा हुआ, और न उसके वंश को टुकड़े मांगते देखा है। भजन संहिता ३७:२५
  • और हमें उसके साम्हने जो हियाव होता है, वह यह है कि यदि हम उस की इच्‍छा के अनुसार कुछ मांगते हैं, तो हमारी सुनता है। और जब हम जानते हैं, कि जो कुछ हम मांगते हैं वह हमारी सुनता है, तो यह भी जानते हैं, कि जो कुछ हम ने उस से मांगा, वह पाया है। १ युहन्ना ५:१४, १५
  • यहोवा मेरा चरवाहा है, मुझे कुछ घटी न होगी। भजन संहिता २३:१
  • जवान सिंहों तो घटी होती और वे भूखे भी रह जाते हैं परन्तु यहोवा के खोजियों को किसी भली वस्तु की घटी न होवेगी। भजन संहिता ३४:१०
  • धन्य है प्रभु, जो प्रति दिन हमारा बोझ उठाता है वही हमारा उद्धारकर्ता ईश्वर है। भजन संहिता ६८:१९
  • ...तू अपना मुंह पसार, मैं उसे भर दूंगा। भजन संहिता ८१:१०
  • ...और जो लोग खरी चाल चलते हैं उन से वह कोई अच्छा पदार्थ रख न छोड़ेगा। भजन संहिता ८४:११
  • ...और तू उनको आहार समय पर देता है। तू अपनी मुट्ठी खोलकर, सब प्राणियों को आहार से तृप्त करता है। भजन संहिता ८४:१५, १६
  • धर्मी पेट भर खाते पाता है, परन्तु दुष्ट भूखे ही रहते हैं। नीतिवचन १३:२५
  • यदि तुम आज्ञाकारी होकर मेरी मानो, तो इस देश के उत्तम से उत्तम पदार्थ खाओगे। यशायाह १:१९
  • और मैं उन्हें और अपनी पहाड़ी के आस पास के स्थानों को आशीष का कारण बना दूंगा; और मेंह को मैं ठीक समय में बरसाया करूंगा; और वहाँ आशीषों की वर्षा होगी। यहेजेकेल ३४:२६
  • ...क्‍योंकि तुम्हारा पिता तुम्हारे मांगने से पहिले ही जानता है, कि तुम्हारी क्‍या क्‍या आवश्यक्ता है। मत्ती ६:८
  • क्‍योंकि जो कोई मांगता है, उसे मिलता है और जो ढूंढ़ता है, वह पाता है और जो खटखटाता है, उसके लिये खोला जाएगा। तुम में से ऐसा कौन मनुष्य है, कि यदि उसका पुत्र उस से रोटी मांगे, तो वह उसे पत्थर दे? मत्ती ७:७, ८
  • सो जब तुम बुरे होकर, अपके बच्‍चों को अच्‍छी वस्‍तुएं देना जानते हो, तो तुम्हारा स्‍वर्गीय पिता अपने मांगने वालों को अच्‍छी वस्‍तुएं क्‍यों न देगा? मत्ती ७:१०
  • और जो कुछ तुम प्रार्थना में विश्वास से मांगोगे वह सब तुम को मिलेगा। मत्ती २१:२२
  • और उस ने उन से कहा, कि जब मैं ने तुम्हें बटुए, और झोली, और जूते बिना भेजा या, तो क्‍या तुम को किसी वस्‍तु की घटी हुई यी उन्‍होंने कहा? किसी वस्‍तु की नहीं। लूका २२:३५
  • इसी रीति से प्रभु ने भी ठहराया, कि जो लोग सुसमाचार सुनाते हैं, उन की जीविका सुसमाचार से हो। १ कुरिन्थियों ९:१४
  • और जो कुछ हम मांगते हैं, वह हमें उस से मिलता है क्‍योंकि हम उस की आज्ञाओं को मानते हैं और जो उसे भाता है वही करते हैं। १ युहन्ना ३:२२