आत्मिक उन्नति

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  • परन्तु वह जानता है, कि मैं कैसी चाल चला हूँ; और जब वह मुझे ता लेगा तब मैं सोने के समान निकलूंगा। अय्युब २३:१०
  • क्योंकि यहोवा जिस से प्रेम रखता है उसको डांटता है, जैसे कि बाप उस बेटे को जिसे वह अधिक चाहता है। नीतिवचन ३:१२
  • और जो मिट्टी का बर्तन वह बना रहा या वह बिगड़ गया, तब उस ने उसी का दूसरा बर्तन अपनी समझ के अनुसार बना दिया। यर्मियाह १८:४
  • सो जिन दिनों में तेरा न्याय करूंगा, क्या उन में तेरा ह्रृदय दृढ़ और तेरे हाथ स्थिर रह सकेंगे? मुझ यहोवा ने यह कहा है, और ऐसा ही करूंगा। यहेजेकेल २२:१४
  • इसलिये जो कोई मेरी ये बातें सुनकर उन्‍हें मानता है वह उस बुद्धिमान मनुष्य की नाई ठहरेगा जिस ने अपना घर चट्टान पर बनाया। मत्ती ७:२४
  • और नया दाखरस पुरानी मशकों में नहीं भरते हैं; क्‍योंकि ऐसा करने से मश्‍कें फट जाती हैं, और दाखरस बह जाता है और मशकें नाश हो जाती हैं, परन्‍तु नया दाखरस नई मश्‍कों में भरते हैं और वह दोनों बची रहती हैं। मत्ती ९:१७
  • ..इसलिये जिसे बहुत दिया गया है, उस से बहुत मांगा जाएगा, और जिसे बहुत सौंपा गया है, उस से बहुत मांगेंगें। लूका १२:४८
  • शमौन, हे शमौन, देख, शैतान ने तुम लोगों को मांग लिया है कि गेंहूं की नाई फटके। परन्‍तु मैं ने तेरे लिये बिनती की, कि तेरा विश्वास जाता न रहे; और जब तू फिरे, तो अपने भाइयों को स्थिर करना। लूका २२:३१, ३२
  • अवश्य है कि वह बढ़े और मैं घटूं। युहन्ना ३:३०
  • मैं तुम से सच सच कहता हूं, कि जब तक गेहूं का दाना भूमि में पड़कर मर नहीं जाता, वह अकेला रहता है परन्‍तु जब मर जाता है, तो बहुत फल लाता है। युहन्ना १२:२४
  • जो डाली मुझ में है, और नहीं फलती, उसे वह काट डालता है, और जो फलती है, उसे वह छांटता है ताकि और फले। युहन्ना १५:२
  • तुम मुझ में बने रहो, और मैं तुम में; जैसे डाली यदि दाखलता में बनी न रहे, तो अपने आप से नहीं फल सकती, वैसे ही तुम भी यदि मुझ में बने न रहो तो नहीं फल सकते। युहन्ना १५:४
  • और न अपने अंगो को अधर्म के हथियार होने के लिये पाप को सौंपो, पर अपने आप को मरे हुओं में से जी उठा हुआ जानकर परमश्‍ेवर को सौंपो, और अपने अंगो को धर्म के हथियार होने के लिये परमेश्वर को सौंपो। रोमियों ६:१३
  • इसलिये हे भाइयों, मैं तुम से परमेश्वर की दया स्मरण दिला कर बिनती करता हूं, कि अपने शरीरों को जीवित, और पवित्र, और परमेश्वर को भावता हुआ बलिदान करके चढ़ाओ, यही तुम्हारी आत्मिक सेवा है। और इस संसार के सदृश न बनो, परन्‍तु तुम्हारी बुद्धि के नये हो जाने से तुम्हारा चाल-चलन भी बदलता जाए, जिस से तुम परमेश्वर की भली, और भावती, और सिद्ध इच्‍छा अनुभव से मालूम करते रहो। रोमियों १२:१, २
  • इसलिये हम हियाव नहीं छोड़ते; यद्यपि हमारा बाहरी मनुष्यत्‍व नाश भी होता जाता है, तौभी हमारा भीतरी मनुष्यत्‍व दिन प्रतिदिन नया होता जाता है। क्‍योंकि हमारा पल भर का हल्का सा क्‍लेश हमारे लिये बहुत ही महत्‍वपूर्ण और अनन्‍त जीवन महिमा उत्‍पन्न करता जाता है। २ कुरिन्थियों ४:१६, १७
  • .तुम किसी ऐसी परीक्षा में नहीं पड़े, जो मनुष्य के सहने से बाहर है; और परमेश्वर सच्‍चा है, वह तुम्हें सामर्थ से बाहर परीक्षा में न पड़ने देगा, बरन परीक्षा के साथ निकास भी करेगा, कि तुम सह सको। १ कुरिन्थियों १०:१३
  • क्‍योंकि यद्यपि हम शरीर में चलते फिरते हैं, तौभी शरीर के अनुसार नहीं लड़ते। क्‍योंकि हमारी लड़ाई के हथियार शारीरिक नहीं, पर गढ़ों को ढा देने के लिये परमेश्वर के द्वारा सामर्थी हैं। २ कुरिन्थियों १०:३, ४
  • और उस ने मुझ से कहा, मेरा अनुग्रह तेरे लिये बहुत है; क्‍योंकि मेरी सामर्थ निर्बलता में सिद्ध होती है। इसलिये मैं बड़े आनन्‍द से अपनी निर्बलताओं पर घमण्‍ड करूंगा, कि मसीह की सामर्थ मुझ पर छाया करती रहे। इस कारण मैं मसीह के लिये निर्बलताओं, और निन्‍दाओं में, और दिरद्रता में, और उपद्रवों में, और संकटों में, प्रसन्न हूं; क्‍योंकि जब मैं निर्बल होता हूं, तभी बलवन्‍त होता हूं। २ कुरिन्थियों १२:९, १०
  • और मुझे इस बात का भरोसा है, कि जिस ने तुम में अच्‍छा काम आरम्भ किया है, वही उसे यीशु मसीह के दिन तक पूरा करेगा। फिलिप्पियों १:६
  • विश्वास की अच्‍छी कुश्‍ती लड़, और उस अनन्‍त जीवन को धर ले, जिस के लिये तू बुलाया गया, और बहुत गवाहों के साम्हने अच्‍छा अंगीकार किया था। १ तिमुथियुस ६:१२
  • मसीह यीशु के अच्‍छे योद्धा की नाई मेरे साथ दुख उठा। २ तिमुथियुस २:३
  • हे मेरे भाइयों, जब तुम नाना प्रकार की परीक्षाओं में पड़ो तो इसे पूरे आनन्‍द की बात समझो, यह जानकर, कि तुम्हारे विश्वास के परखे जाने से धीरज उत्‍पन्न होता है। याकूब १:२, ३
  • इसलिये परमेश्वर के आधीन हो जाओ। और शैतान का साम्हना करो, तो वह तुम्हारे पास से भाग निकलेगा। याकूब ४:७
  • और इस कारण तुम मगन होते हो, यद्यपि अवश्य है कि अब कुछ दिन तक नाना प्रकार की परीक्षाओं के कारण उदास हो। और यह इसलिये है कि तुम्हारा परखा हुआ विश्वास, जो आग से ताए हुए नाशमान सोने से भी कहीं, अधिक बहुमूल्य है, यीशु मसीह के प्रगट होने पर प्रशंसा, और महिमा, और आदर का कारण ठहरे। १ पतरस १:६, ७
  • हे प्रियों, जो दुख रूपी अग्‍नि तुम्हारे परखने के लिये तुम में भड़की है, इस से यह समझकर अचम्भा न करो कि कोई अनोखी बात तुम पर बीत रही है। पर जैसे जैसे मसीह के दुखों में सहभागी होते हो, आनन्‍द करो, जिस से उसकी महिमा के प्रगट होते समय भी तुम आनन्‍दित और मगन हो। १ पतरस ४:१२, १३