बुद्धिमता


  • ....सोचो कि क्या करते हो, क्योंकि तुम जो न्याय करोगे, वह मनुष्य के लिये नहीं, यहोवा के लिये करोगे, और वह न्याय करते समय तुम्हारे साथ रहेगा। २ इतिहास १९:६
  • हे यहोवा, मेरे शत्रुओं के कारण अपने धर्म के मार्ग में मेरी अगुवाई कर; मेरे आगे आगे अपने सीधे मार्ग को दिखा। भजन ५:८
  • हे यहोवा अपने मार्ग मुझ को दिखला; अपना पथ मुझे बता दे। मुझे अपने सत्य पर चला और शिक्षा दे, क्योंकि तू मेरा उद्वार करनेवाला परमेश्वर है; मैं दिन भर तेरी ही बाट जोहता रहता हूं। भजन २५:४, ५
  • वह नम्र लोगों को न्याय की शिक्षा देता, हां वह नम्र लोगों को अपना मार्ग दिखलाएगा। भजन २५:९
  • हे यहोवा, अपने मार्ग में मेरी अगुवाई कर, और मेरे द्रोहियों के कारण मुझ को चौरस रास्ते पर ले चल। भजन २७:११
  • मैं तुझे बुद्धि दूंगा, और जिस मार्ग में तुझे चलना होगा उस में तेरी अगुवाई करूंगा: मैं तुझ पर कृपादृष्टि रखूंगा और सम्मत्ति दिया करूंगा। भजन ३२:८
  • मनुष्य की गति यहोवा की ओर से दृढ़ होती है, और उसके चलन से वह प्रसन्न रहता है। भजन ३७:२३
  • तू सम्मति देता हुआ, मेरी अगुवाई करेगा, और तब मेरी महिमा करके मुझ को अपके पास रखेगा। भजन ७३:२४
  • मेरी आंखें खोल दे, कि मैं तेरी व्यवस्था की अद्भुत बातें देख सकूं। भजन ११९:१८
  • तेरा वचन मेरे पांव के लिये दीपक, और मेरे मार्ग के लिये उजियाला है। भजन ११९:१०५
  • तेरी बातों के खुलने से प्राकाश होता है; उस से भोले लोग समझ प्राप्त करते हैं। भजन ११९:१३०
  • अपनी करूणा की बात मुझे शीघ्र सुना, क्योंकि मैं ने तुझी पर भरोसा रखा है। जिस मार्ग से मुझे चलना है, वह मुझ को बता दे, क्योंकि मैं अपना मन तेरी ही ओर लगाता हूं। भजन १४३:८
  • मुझ को यह सिखा, कि मैं तेरी इच्छा क्योंकर पूरी करूं, क्योंकि मेरा परमेश्वर तू ही है! तेरा भला आत्मा मुझ को धर्म के मार्ग में ले चले! हे यहोवा, मुझे अपने नाम के निमित्त जिला! भजन १४३:१०, ११
  • बुद्धिमान सुनकर अपनी विद्या बढ़ाए, और समझदार बुद्धि का उपदेश पाए, नीतिवचन १:५
  • और प्रवीणता और समझ के लिये अति यत्न से पुकारे, तो तू यहोवा के भय को समझेगा, और परमेश्वर का ज्ञान तुझे प्राप्त होगा। क्योंकि बुद्धि यहोवा ही देता है; ज्ञान और समझ की बातें उसी के मुंह से निकलती हैं। नीतिवचन २:३, ५, ६
  • तू अपनी समझ का सहारा न लेना, वरन सम्पूर्ण मन से यहोवा पर भरोसा रखना। उसी को स्मरण करके सब काम करना, तब वह तेरे लिये सीधा मार्ग निकालेगा। नीतिवचन ३:५, ६
  • वह तेरे चलने में तेरी अगुवाई, और सोते समय तेरी रक्षा, और जागते समय तुझ से बातें करेगी। नीतिवचन ६:२२
  • ....परन्तु जो सम्मति मानता, वह बुद्धिमान है। नीतिवचन १२:१५
  • मन की युक्ति मनुष्य के वश में रहती है, परन्तु मुंह से कहना यहोवा की ओर से होता है। नीतिवचन १६:१
  • बिना सम्मति की कल्पनाएं निष्फल हुआ करती हैं, परन्तु बहुत से मंत्रियों की सम्मत्ति से बात ठहरती है। नीतिवचन १५:२२
  • सम्मति को सुन ले, और शिक्षा को ग्रहण कर, कि तू अनन्तकाल में बुद्धिमान ठहरे। नीतिवचन १९:२०
  • सब कल्पनाएं सम्मत्ति ही से स्थिर होती हैं, और युक्ति के साथ युद्ध करना चाहिये। नीतिवचन २०:१८
  • इसलिये जब तू युद्ध करे, तब युक्ति के साथ करना, विजय बहुत से मन्त्रियों के द्वारा प्राप्त होती है। नीतिवचन २४:६
  • बुरे लोग न्याय को नहीं समझ सकते, परन्तु यहोवा को ढूंढने वाले सब कुछ समझते हैं। नीतिवचन २८:५
  • और यहोवा की आत्मा, बुद्धि और समझ की आत्मा, युक्ति और पराक्रम की आत्मा, और ज्ञान और यहोवा के भय की आत्मा उस पर ठहरी रहेगी। ओर उसको यहोवा का भय सुगन्ध सा भाएगा॥ वह मुंह देखा न्याय न करेगा और न अपने कानों के सुनने के अनुसार निर्णय करेगा; Isaiah ११:२, ३
  • मैं अन्धों को एक मार्ग से ले चलूंगा जिसे वे नहीं जानते और उनको ऐसे पथों से चलाऊंगा जिन्हें वे नहीं जानते। उनके आगे मैं अनधियारे को उजियाला करूंगा और टेढ़े मार्गों को सीधा करूंगा। मैं ऐसे ऐसे काम करूंगा और उनको न त्यागूंगा। यशायाह ४२:१६
  • प्रभु यहोवा ने मुझे सीखने वालों की जीभ दी है कि मैं थके हुए को अपने वचन के द्वारा संभालना जानूं। यशायाह ५०:४
  • और यहोवा तुझे लगातार लिए चलेगा, और काल के समय तुझे तृप्त और तेरी हड्डियों को हरी भरी करेगा; और तू सींची हुई बारी और ऐसे सोते के समान होगा जिसका जल कभी नहीं सूखता। यशायाह ५८:११
  • हे यहोवा, मैं जान गया हूँ, कि मनुष्य का मार्ग उसके वश में नहीं है, मनुष्य चलता तो हे, परन्तु उसके डग उसके अधीन नहीं हैं। यर्मियाह १०:२३
  • ...मैं उन्हें नदियों के किनारे किनारे से और ऐसे चौरस मार्ग से ले आऊंगा, जिस से वे ठोकर न खाने पाएंगे: क्योंकि मैं इस्राएल का पिता हूँ, और एप्रैम मेरा जेठा है। यर्मियाह ३१:९
  • और परमेश्वर ने उन चारों जवानों को सब शास्त्रों, और सब प्रकार की विद्याओं में बुद्धिमानी और प्रवीणता दी: और दानियेल सब प्रकार के दर्शन और स्वपन के अर्थ का ज्ञानी हो गया। दानियेल १:१७
  • मुंह देखकर न्याय न चुकाओ, परन्‍तु ठीक ठीक न्याय चुकाओ। युहन्ना ७:२४
  • दो या तीन गवाहों के मुंह से हर एक बात ठहराई जाएगी। २ कुरिन्थियों १३:१
  • क्‍योंकि हम रूप को देखकर नहीं, पर विश्वास से चलते हैं। २ कुरिन्थियों ५:७
  • पर यदि तुम में से किसी को बुद्धि की घटी हो, तो परमेश्वर से मांगे, जो बिना उलाहना दिए सब को उदारता से देता है; और उस को दी जाएगी। याकूब १:५
  • पर जो ज्ञान ऊपर से आता है वह पहिले तो पवित्र होता है फिर मिलनसार, कोमल और मृदुभाव और दया, और अच्‍छे फलों से लदा हुआ और पक्षपात और कपट रहित होता है। याकूब ३:१७